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वैष्णव धर्म का इतिहास - Vaishnavism vaishnav


9. वैष्णव धर्म



वैष्णव धर्म का इतिहास और महत्‍वपूर्ण तथ्‍य,lordkrishna,

 

➽वैष्णव सम्प्रदाय, भगवान विष्णु को ईश्वर मानने वालों का सम्प्रदाय है. वैष्णव धर्म या वैष्णव सम्प्रदाय का प्राचीन नाम भागवत धर्म या पांचरात्र मत है. इस सम्प्रदाय के प्रधान उपास्य देव वासुदेव हैं.

➽वैष्णव धर्म के विषय में प्रारंभिक जानकारी उपनिषदों से मिलती है। इसका विकास भगवत धर्म से हुआ। नारायण के पूजक मूलतः पंचरात्र कहे जाते थे।


➽वैष्णव धर्म के प्रवर्तक कृष्ण थे, जो वृषण कबीले के थे और जिनका निवास स्थान मथुरा था
➽कृष्ण का उल्लेख सर्वप्रथम छांदोग्य उपनिषद् में देवकी-पुत्र और अंगिरस के शिष्य के रूप में हुआ है। ➽वासुदेव कृष्ण का सबसे प्रारंभिक अभिलेखीय उल्लेख बेसनगर स्तम्भ अभिलेख में पाया गया है।
➽विष्णु के दस अवतारों का उल्लेख मत्स्यपुराण में मिलता है।
➽दस अवतार इस प्रकार है-
  1. मत्स्य, 
  2. कूर्म, 
  3. वराह, 
  4. नृसिह, 
  5. वामन, 
  6. परशुराम, 
  7. राम, 
  8. बलराम, 
  9. बुद्ध एवं 
  10. कल्कि। 
➽गुप्तकाल में विष्णु का वराह अवतार सर्वाधिक प्रसिद्ध था । 
➽वैष्णव धर्म में ईश्वर को प्राप्त करने के लिए सर्वाधिक महत्व भक्ति को दिया गया है।


नोट : भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र में छः तिलियाँ हैं।


प्रमुख सम्प्रदाय,मत एवं आचार्य

➽आचार्य.           प्रमुख सम्प्रदाय.           मत

➽रामानुज         वैष्णव सम्प्रदाय.    विशिष्टाद्वैत

➽आनन्दतीर्थ      ब्रह्म सम्प्रदाय               द्वैत

➽वर्लभाचार्य      रुद्र सम्प्रदाय            शुद्धाद्वैत

➽निम्बार्क      सनक सम्प्रदाय          द्वैताद्वैत


➽वैष्‍णव धर्म या सम्‍प्रदाय से जुड़े महत्‍वपूर्ण तथ्‍य:

➽वैष्णव धर्म के बारे में सामान्य जानकारी उपनिषदों से मिलती है. इसका विकास भगवत धर्म से हुआ है.

➽वैष्णव धर्म के प्रवर्तक कृष्ण थे, जो वृषण कबीले के थे और जिनका निवास स्थान मथुरा था.

➽कृष्ण का सबसे पहले उल्लेख छांदोग्य उपनिषद में देवकी के बेटे और अंगिरस के शिष्य के रूप में हुआ.

➽विष्णु के अवतारों का उल्लेख मत्स्यपुराण में मिलता है.


(5)शास्‍त्रों में विष्‍णु के 24 अवतार माने गए हैं, ले‍कि‍न मत्‍स्‍य पुराण में प्रमुख 10 अवतार माने जाते हैं:

(i)मत्स्य

(ii)कच्‍छप

(iii)वराह

(iv)नृसिंह

(v)वामन

(vi)परशुराम

(vii)राम

(viii)कृष्‍ण

(ix)बुद्ध

(x)कल्कि


➽24 अवतारों का क्रम इस तरह है:

(i)आदि परषु

(ii)चार सनतकुमार

(iii)वराह

(iv)नारद

(v)नर-नारायण

(vi)कपिल

(vii)दत्तात्रेय

(viii)याज्ञ

(ix)ऋषभ

(x)पृथु

(xi)मतस्य

(xii)कच्छप

(xiii)धनवंतरी

(xiv)मोहिनी

(xv)नृसिंह

(xvi)हयग्रीव

(xvii)वामन

(xviii)परशुराम

(xix)व्यास

(xx)राम

(xxi)बलराम

(xxii)कृष्ण

(xxiii)बुद्ध

(xxiv)कल्कि


➽वैष्णव धर्म में ईश्वर प्राप्ति के लिए सर्वाधिक महत्व भक्ति को दिया है.


➽ऋग्वेद में वैष्णव विचारधारा का उल्लेख मिलता है. वैष्‍ण ग्रंथ इस प्रकार हैं:

(i) ईश्वर संहिता

(ii) पाद्मतन्त

(iii) विष्णुसंहिता

(iv) शतपथ ब्राह्मण

(v) ऐतरेय ब्राह्मण

(vi) महाभारत

(vii) रामायण

( viii) विष्णु पुराण


वैष्‍ण तीर्थ इस प्रकार हैं:

(i) बद्रीधाम

(ii) मथुरा

(iii) अयोध्या

(iv) तिरुपति बालाजी

(v) श्रीनाथ

(vi) द्वारकाधीश


➽वैष्‍णव संस्‍कार इस प्रकार हैं:

(i) वैष्णव मंदिर में विष्णु राम और कृष्ण की मूर्तियां होती हैं. एकेश्‍वरवाद के प्रति कट्टर नहीं हैं.

(ii) इसके संन्यासी सिर मुंडाकर चोटी रखते हैं.

(iii) इसके अनुयायी दशाकर्म के दौरान सिर मुंडाते वक्त चोटी रखते हैं.

(iv) ये सभी अनुष्ठान दिन में करते हैं.

(v) यह सात्विक मंत्रों को महत्व देते हैं.

(vi) जनेऊ धारण कर पितांबरी वस्त्र पहनते हैं और हाथ में कमंडल तथा दंडी रखते हैं.

(vii) वैष्णव सूर्य पर आधारित व्रत उपवास करते हैं.

(viii) वैष्णव दाह संस्कार की रीति हैं.

(ix) यह चंदन का तीलक खड़ा लगाते हैं.


➽वैष्‍णव साधुओं को आचार्य, संत, स्‍वामी कहा जाता है.

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